शराब का सेवन आज के समय में कई लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। कुछ लोग तनाव कम करने के लिए शराब पीते हैं, तो कुछ इसे मनोरंजन का माध्यम मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोज़ाना शराब पीने की आदत आपकी सेक्स लाइफ, प्रजनन क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है?
शुरुआत में शराब आपको रिलैक्स महसूस करा सकती है, लेकिन लंबे समय तक नियमित सेवन करने से यह शरीर के हार्मोन, नर्वस सिस्टम और यौन क्षमता को प्रभावित करने लगती है। इसका असर केवल पुरुषों की ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है।
आइए जानते हैं कि रोज़ शराब पीने से आपकी सेक्स लाइफ पर कौन-कौन से गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
रोज़ाना शराब पीने वाले पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) की समस्या अधिक देखने को मिलती है। शराब शरीर की नसों और रक्त प्रवाह को प्रभावित करती है, जिससे लिंग तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता।
इसके कारण:
इरेक्शन आने में परेशानी होती है।
इरेक्शन लंबे समय तक नहीं टिकता।
यौन संबंध बनाने में कठिनाई होती है।
यदि लंबे समय तक यह समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि शराब पीने से रोमांस बढ़ता है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है।
लगातार शराब पीने से:
टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम हो सकता है।
यौन इच्छा (Sex Drive) घटने लगती है।
पार्टनर के प्रति आकर्षण कम महसूस हो सकता है।
समय के साथ यह समस्या वैवाहिक जीवन पर भी असर डाल सकती है।
रोज़ शराब पीने से पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) पर भी असर पड़ सकता है।
इसके कारण:
स्पर्म काउंट कम हो सकता है।
स्पर्म की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है।
स्पर्म की गति (Motility) प्रभावित हो सकती है।
गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है।
जो पुरुष भविष्य में पिता बनने की योजना बना रहे हैं, उन्हें शराब के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
लगातार शराब पीने से शरीर और मस्तिष्क के बीच समन्वय प्रभावित होता है।
इसके कारण:
शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों को देर से या बिल्कुल ऑर्गेज्म नहीं हो पाता।
यौन संतुष्टि कम हो जाती है।
इसका असर दोनों पार्टनर्स के रिश्ते पर भी पड़ सकता है।
अत्यधिक शराब शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करती है।
इसके परिणामस्वरूप:
टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है।
मांसपेशियों की ताकत घट सकती है।
ऊर्जा कम महसूस होती है।
यौन क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।
हार्मोनल बदलाव कई बार लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
अधिक शराब पीने वाले लोगों में:
तनाव
चिंता (Anxiety)
अवसाद (Depression)
गुस्सा और चिड़चिड़ापन
ऐसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
जब मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर सेक्स लाइफ और वैवाहिक संबंधों पर भी पड़ता है। कई बार पार्टनर के साथ भावनात्मक दूरी बढ़ने लगती है।
रोज़ शराब पीने की आदत धीरे-धीरे शरीर की कार्यक्षमता को कम कर देती है।
इसके कारण:
बेड पर आत्मविश्वास कम हो जाता है।
प्रदर्शन कमजोर होने लगता है।
यौन संबंधों का आनंद कम हो जाता है।
कई बार व्यक्ति सेक्स से बचने लगता है।
यदि इस स्थिति को समय रहते नहीं सुधारा जाए, तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
कभी-कभार सीमित मात्रा में शराब पीने से हर व्यक्ति में समान प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन यदि शराब का सेवन नियमित, अधिक मात्रा में या लंबे समय तक किया जाए, तो यह यौन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
यदि आपको शराब पीने के बाद बार-बार इरेक्शन, सेक्स ड्राइव, शीघ्रपतन या अन्य यौन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अच्छी बात यह है कि कई मामलों में शराब कम करने या छोड़ने के बाद शरीर धीरे-धीरे रिकवर होने लगता है।
साथ ही इन आदतों को अपनाना भी फायदेमंद हो सकता है:
संतुलित आहार लें।
नियमित व्यायाम करें।
पर्याप्त नींद लें।
तनाव कम करने के स्वस्थ तरीके अपनाएं।
धूम्रपान और अन्य नशे से दूरी बनाएं।
आवश्यकता होने पर सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह लें।
यदि आपको निम्न समस्याएं लगातार बनी हुई हैं:
इरेक्शन में परेशानी
शीघ्रपतन
बांझपन से जुड़ी चिंता
शराब छोड़ने के बाद भी यौन समस्या बनी रहना
तो बिना झिझक किसी अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। समय पर उपचार से अधिकांश यौन समस्याओं का सफलतापूर्वक इलाज संभव है।
यदि आप शराब के कारण होने वाली यौन समस्याओं, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED), शीघ्रपतन, कम सेक्स ड्राइव, पुरुष या महिला यौन समस्याओं अथवा मानसिक तनाव से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो Dr Saatish Jhuntrraa से परामर्श लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
Dr Saatish Jhuntrraa अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मनोचिकित्सक (Psychiatrist) और सेक्सोलॉजिस्ट (Sexologist) हैं। उन्हें मनोरोग एवं यौन समस्याओं के उपचार का लगभग 34 वर्षों का अनुभव है और वे अब तक 30,000 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार कर चुके हैं।
उन्होंने वर्ष 1983 में PGIMS, रोहतक (हरियाणा) से MBBS, 1988 में CIP, रांची से मनोचिकित्सा (Psychiatry) में पोस्टग्रेजुएशन तथा 2015 में मैड्रिड (स्पेन) से Fellowship of the European Committee of Sexual Medicine (FECSM) प्राप्त की। भारत में FECSM योग्यता प्राप्त चुनिंदा सेक्सोलॉजिस्ट्स में उनका नाम शामिल है।
उन्होंने राष्ट्रीय सम्मेलनों में यौन चिकित्सा पर शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं और IMA तथा आम जनता के लिए कई शैक्षणिक व्याख्यान दिए हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने जयपुर में Vivan Hospital for Sexual Health की स्थापना की, जो यौन स्वास्थ्य के लिए समर्पित एक विशेष अस्पताल है। फरवरी 2015 से अब तक इस अस्पताल में वे 18,500 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार कर चुके हैं।
यदि आप अपनी सेक्स लाइफ से जुड़ी किसी भी समस्या का वैज्ञानिक, गोपनीय और विशेषज्ञ उपचार चाहते हैं, तो योग्य एवं अनुभवी सेक्सोलॉजिस्ट से समय पर सलाह लेना आपके बेहतर स्वास्थ्य और सुखद वैवाहिक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।