सेक्स के दौरान इरेक्शन आना लेकिन कुछ समय बाद खत्म हो जाना कई पुरुषों के साथ कभी-कभी हो सकता है। एक-दो बार ऐसा होने पर जरूरी नहीं कि कोई बीमारी हो। थकान, तनाव, नींद की कमी, ज्यादा शराब या उस समय की चिंता भी इसकी वजह हो सकती है।
लेकिन अगर सेक्स के दौरान इरेक्शन बार-बार कम हो जाता है, पर्याप्त समय तक बना नहीं रहता या इसकी वजह से आपकी सेक्स लाइफ प्रभावित हो रही है, तो इसके कारण को समझना जरूरी है।
इरेक्शन केवल यौन उत्तेजना पर निर्भर नहीं करता। इसमें मस्तिष्क, नसें, हार्मोन और रक्त प्रवाह सभी की भूमिका होती है। इनमें से किसी एक पर असर पड़ने से इरेक्शन को बनाए रखने में परेशानी हो सकती है।
कुछ पुरुषों को शुरुआत में सामान्य इरेक्शन होता है, लेकिन संभोग शुरू करने से पहले या उसके दौरान इरेक्शन कम हो जाता है। कुछ मामलों में इरेक्शन दोबारा हो जाता है, जबकि कुछ पुरुषों को इसे वापस पाने में परेशानी होती है।
यदि यह कभी-कभार होता है, तो अक्सर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती। समस्या तब मानी जाती है जब यह लगातार या बार-बार होने लगे।
इसके पीछे केवल एक कारण होना जरूरी नहीं है। कई बार शारीरिक और मानसिक दोनों कारण एक साथ प्रभाव डालते हैं।
“इरेक्शन बना रहेगा या नहीं?”, “पार्टनर संतुष्ट होगा या नहीं?” जैसी बातें सेक्स के दौरान तनाव बढ़ा सकती हैं।
जब ध्यान आनंद और नजदीकी से हटकर केवल प्रदर्शन पर चला जाता है, तो यौन उत्तेजना प्रभावित हो सकती है। इससे इरेक्शन कम हो सकता है।
एक बार ऐसा होने के बाद अगली बार उसी बात का डर समस्या को दोहरा सकता है।
काम का दबाव, आर्थिक चिंता, पारिवारिक समस्या या लगातार मानसिक तनाव सेक्सुअल इच्छा और इरेक्शन दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
शरीर थका हुआ हो और दिमाग लगातार दूसरी बातों में व्यस्त हो, तो सेक्सुअल उत्तेजना बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
लगातार कम नींद से ऊर्जा, मूड और शरीर के सामान्य कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
यदि आप बहुत थके हुए हैं या आपकी नींद लंबे समय से ठीक नहीं है, तो इसका असर सेक्स में रुचि और प्रदर्शन पर भी दिखाई दे सकता है।
पार्टनर के साथ अनबन, भावनात्मक दूरी, बातचीत की कमी या सेक्स को लेकर असहजता भी इरेक्शन को प्रभावित कर सकती है।
ऐसी स्थिति में केवल शारीरिक कारण तलाशने के बजाय रिश्ते और मानसिक स्थिति को समझना भी जरूरी है।
इरेक्शन के लिए लिंग में पर्याप्त रक्त प्रवाह जरूरी होता है। मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय व रक्त वाहिकाओं से जुड़ी कुछ स्थितियां रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं।
इसी वजह से लगातार होने वाली इरेक्शन की समस्या को केवल सेक्सुअल समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका असर इरेक्शन पर पड़ सकता है।
इसी तरह अधिक मात्रा में शराब पीने के बाद कुछ पुरुषों को इरेक्शन प्राप्त करने या उसे बनाए रखने में परेशानी हो सकती है।
टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होना कुछ पुरुषों में यौन इच्छा को प्रभावित कर सकता है। हालांकि हर इरेक्शन समस्या का कारण कम टेस्टोस्टेरोन नहीं होता।
यदि यौन इच्छा में भी लगातार कमी है या दूसरे संबंधित लक्षण मौजूद हैं, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार हार्मोन जांच की सलाह दे सकते हैं।
कुछ दवाएं सेक्सुअल फंक्शन को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें कुछ ब्लड प्रेशर, मानसिक स्वास्थ्य या दूसरी बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हो सकती हैं।
यदि किसी नई दवा को शुरू करने के बाद इरेक्शन में बदलाव महसूस हुआ है, तो दवा अपने आप बंद न करें। जिस डॉक्टर ने दवा दी है, उनसे इस बारे में बात करें।
सबसे पहले यह समझने की कोशिश करें कि समस्या कभी-कभार हो रही है या लगभग हर बार।
यदि थकान, तनाव या जल्दबाजी के समय ही समस्या होती है, तो पर्याप्त आराम, बेहतर नींद और सेक्स के दौरान दबाव कम करने से फायदा हो सकता है।
पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करना भी महत्वपूर्ण है। सेक्स को केवल “परफॉर्मेंस” की तरह देखने के बजाय नजदीकी और सहजता पर ध्यान देने से मानसिक दबाव कम हो सकता है।
नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, धूम्रपान से दूरी और शराब को सीमित करना भी समग्र स्वास्थ्य के साथ सेक्सुअल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण है।
इरेक्शन की समस्या होने पर इंटरनेट, मेडिकल स्टोर या किसी परिचित की सलाह से दवा लेना उचित नहीं है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होतीं। खासकर कुछ हृदय संबंधी दवाओं के साथ इनका इस्तेमाल गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
इसी तरह बाजार में मिलने वाले “सेक्स पावर”, “टाइमिंग बढ़ाने” या “तुरंत इरेक्शन” जैसे दावों वाले सप्लीमेंट या उत्पाद भी बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं लेने चाहिए।
उपचार समस्या के वास्तविक कारण के आधार पर तय किया जाना चाहिए।
डॉक्टर आमतौर पर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, सेक्सुअल हेल्थ, वर्तमान दवाओं और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी पूछ सकते हैं।
जरूरत के अनुसार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल या कुछ हार्मोन से संबंधित जांच की सलाह दी जा सकती है। हर व्यक्ति को सभी जांचों की जरूरत नहीं होती।
यदि मुख्य कारण तनाव, परफॉर्मेंस एंग्जायटी या रिश्ते से जुड़ा दिखाई देता है, तो काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी भी उपचार का हिस्सा हो सकती है।
इलाज कारण पर निर्भर करता है। किसी एक उपचार को हर व्यक्ति के लिए सही नहीं माना जा सकता।
जीवनशैली में बदलाव, पहले से मौजूद बीमारी को नियंत्रित करना, किसी दवा के साइड इफेक्ट का चिकित्सकीय मूल्यांकन, काउंसलिंग या डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोग की जा सकती हैं।
कुछ मामलों में अन्य उपचार विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। कौन-सा विकल्प उचित है, इसका फैसला जांच और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर डॉक्टर के साथ किया जाना चाहिए।
यदि इरेक्शन सेक्स के दौरान बार-बार खत्म हो रहा है, समस्या कई हफ्तों या महीनों से बनी हुई है या सेक्स लाइफ और रिश्ते को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना उचित है।
यदि इसके साथ यौन इच्छा में अचानक बदलाव, लिंग में दर्द या असामान्य बदलाव जैसे दूसरे लक्षण भी हैं, तो चिकित्सकीय जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।
मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अन्य पुरानी बीमारी वाले पुरुषों को भी लगातार होने वाली इरेक्शन समस्या के बारे में अपने डॉक्टर को बताना चाहिए।
सेक्स के दौरान कभी-कभी इरेक्शन कम हो जाना सामान्य परिस्थितियों में भी हो सकता है। लेकिन यदि यह बार-बार हो रहा है, तो शर्म या डर की वजह से इसे छिपाना सही तरीका नहीं है।
इसके पीछे तनाव और परफॉर्मेंस एंग्जायटी से लेकर रक्त प्रवाह, दवाओं या दूसरी स्वास्थ्य स्थितियों तक कई संभावित कारण हो सकते हैं।
सही कारण का पता लगने के बाद ही उचित उपचार तय किया जा सकता है। इसलिए लगातार समस्या होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है। इरेक्शन या अन्य सेक्सुअल हेल्थ समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।