सेक्सुअल हेल्थ केवल शारीरिक संबंधों तक सीमित नहीं है। इसमें यौन इच्छा, शरीर में होने वाले बदलाव, मानसिक स्वास्थ्य, पार्टनर के साथ सहजता और सुरक्षित यौन व्यवहार भी शामिल हैं। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव आते हैं, जिनका असर सेक्सुअल हेल्थ पर भी पड़ सकता है।
किसी व्यक्ति में यौन इच्छा कम हो सकती है, किसी को इरेक्शन से जुड़ी परेशानी हो सकती है, तो महिलाओं में मेनोपॉज के आसपास हार्मोनल बदलाव के कारण योनि में सूखापन या असहजता महसूस हो सकती है। हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि कुछ सामान्य आदतों पर ध्यान देकर हर उम्र में अपनी सेक्सुअल हेल्थ की बेहतर देखभाल की जा सकती है।
उम्र के साथ हार्मोन के स्तर और शरीर की प्रतिक्रिया में बदलाव आना सामान्य है। पुरुषों में इरेक्शन होने में पहले की तुलना में अधिक समय लग सकता है या यौन इच्छा में बदलाव महसूस हो सकता है। महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन में बदलाव के कारण योनि में सूखापन, संवेदनशीलता या सेक्स के दौरान परेशानी हो सकती है।
ऐसे बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें समझना जरूरी है। यदि कोई समस्या लगातार बनी हुई है या आपकी सामान्य जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से बात करना बेहतर रहता है।
नियमित व्यायाम केवल वजन नियंत्रित रखने के लिए ही नहीं है। शारीरिक गतिविधि हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। बेहतर रक्त संचार शरीर के सामान्य यौन कार्य में भी भूमिका निभाता है।
तेज चलना, साइकिल चलाना, तैराकी, योग या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी शारीरिक गतिविधियां दिनचर्या का हिस्सा बनाई जा सकती हैं।
यदि आपको हृदय रोग, जोड़ों की समस्या या कोई दूसरी पुरानी बीमारी है, तो नया व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
लगातार कम नींद लेने से शरीर के साथ मूड और ऊर्जा पर भी असर पड़ सकता है। थकान, तनाव और चिड़चिड़ापन होने पर सेक्स में रुचि कम महसूस होना असामान्य नहीं है।
कोशिश करें कि सोने और जागने का समय नियमित रहे। सोने से पहले मोबाइल या दूसरे स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना और पर्याप्त आराम लेना भी मददगार हो सकता है।
यदि पर्याप्त समय सोने के बाद भी लगातार थकान रहती है या नींद बार-बार टूटती है, तो इसके कारण को समझने के लिए डॉक्टर से बात की जा सकती है।
एक स्वस्थ सेक्सुअल रिलेशनशिप में बातचीत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उम्र के साथ जरूरतें, सहजता और यौन इच्छा बदल सकती हैं।
अपने पार्टनर को बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं, आपको किस बात से असहजता होती है और आपकी अपेक्षाएं क्या हैं। इसी तरह अपने पार्टनर की बात भी सुनें।
सेक्स में हमेशा दोनों लोगों की स्पष्ट सहमति और सहजता जरूरी है। किसी भी तरह का दबाव स्वस्थ रिश्ते का हिस्सा नहीं होना चाहिए।
सेक्सुअल हेल्थ का संबंध केवल शरीर से नहीं होता। लंबे समय तक तनाव, चिंता, रिश्तों में परेशानी या उदासी यौन इच्छा और प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
आराम के लिए समय निकालना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, पार्टनर से बात करना और पर्याप्त नींद लेना तनाव को संभालने में मदद कर सकता है।
यदि चिंता, उदासी या तनाव लंबे समय तक बना हुआ है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना भी उचित हो सकता है।
धूम्रपान रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। वहीं बहुत अधिक शराब का सेवन भी यौन प्रतिक्रिया और समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
यदि आप धूम्रपान करते हैं और इसे छोड़ने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से मदद ली जा सकती है। शराब का सेवन करते हैं तो उसकी मात्रा को सीमित रखना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प है।
सुरक्षित सेक्स केवल कम उम्र के लोगों के लिए जरूरी नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के नए या एक से अधिक सेक्सुअल पार्टनर हैं, तो यौन संचारित संक्रमणों (STIs) से बचाव पर ध्यान देना हर उम्र में महत्वपूर्ण है।
कंडोम का सही इस्तेमाल संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। जरूरत के अनुसार STI जांच के बारे में डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है।
नए पार्टनर के साथ सेक्सुअल हेल्थ और जांच के बारे में खुलकर बातचीत करना भी सुरक्षित यौन व्यवहार का हिस्सा है।
कभी-कभी तनाव, थकान या किसी अस्थायी कारण से सेक्सुअल परफॉर्मेंस या इच्छा में बदलाव हो सकता है। लेकिन यदि समस्या बार-बार हो रही है, लंबे समय से बनी हुई है या आपको परेशान कर रही है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।
पुरुषों में लगातार इरेक्शन की समस्या, जल्दी स्खलन, यौन इच्छा में महत्वपूर्ण बदलाव या दर्द जैसे लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं। इसी तरह महिलाओं में सेक्स के दौरान लगातार दर्द, अत्यधिक सूखापन या इच्छा में बदलाव के पीछे भी अलग-अलग कारण हो सकते हैं।
कुछ दवाएं और मधुमेह, हृदय संबंधी समस्याएं या हार्मोन से जुड़ी स्थितियां भी सेक्सुअल हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच और सलाह जरूरी हो सकती है।
सेक्सुअल हेल्थ जीवन के अलग-अलग चरणों में बदल सकती है। जो अनुभव 25 वर्ष की उम्र में होता है, जरूरी नहीं कि वही 45 या 60 वर्ष की उम्र में भी हो।
अपने शरीर के बदलावों को समझना, सक्रिय रहना, पर्याप्त नींद लेना, पार्टनर से खुलकर बात करना और जरूरत पड़ने पर सेक्स रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सेक्सुअल हेल्थ की देखभाल के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि इंटरनेट पर मिलने वाली किसी भी दवा, तेल, सप्लीमेंट या तथाकथित "तुरंत असर" वाले उपचार को बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल न करें। सेक्सुअल समस्या के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और उपचार भी उसी कारण के आधार पर तय किया जाता है।
चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे किसी बीमारी के निदान या व्यक्तिगत उपचार का विकल्प न मानें। किसी भी सेक्सुअल हेल्थ समस्या, दवा या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लें।